Voter Turnout 2024: लोकसभा चुनाव 2024 के पहले चरण के मतदान में उत्तराखंड की पांचों लोकसभा सीटों के लिये वोटिंग पूरी हो चुकी है। राज्य में 47 फीसदी मतदाता वोट देने घरों से नहीं निकले। शाम पांच बजे तक उत्तराखंड में मतदान प्रतिशत 53.77 प्रतिशत दर्ज किया गया, जो लोकसभा चुनाव 2019 के मुकाबले करीब आठ प्रतिशत कम है।

2019 में मतदान प्रतिशत 61.88 प्रतिशत दर्ज किया गया था। वहीं, 21 राज्यों का कुल मतदान प्रतिशत शाम पांच बजे तक 53.72 प्रतिशत दर्ज किया गया है। हालांकि, चुनाव आयोग की ओर से अंतिम आंकड़े जारी किये जाने के बाद मतदान प्रतिशत में थोड़ी बढ़ोतरी हो सकती है।

लोकसभा चुनाव 2024 के लिये उत्तराखंड में शुक्रवार सुबह से ही मतदान प्रक्रिया काफी धीमी रही। सुबह नौ बजे तक 10.54 प्रतिशत ही मतदान हुआ था, जो दोपहर एक बजे तक 37.33 प्रतिशत तक पहुंच गया था।

दोपहर तीन बजे मतदान प्रतिशत का आंकड़ा 45.62 प्रतिशत हो गया था, जो लोकसभा चुनाव 2019 के मुकाबले करीब तीन प्रतिशत कम था। 2019 में दोपहर तीन बजे तक कुल 48.42 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था।

शाम पांच बजे जारी किये गये आंकड़ों के अनुसार उत्तराखंड में कुल 53.77 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। राज्य में 83 लाख से अधिक मतदाता पंजीकृत हैं। इस लिहाज से करीब 44 लाख 52 हजार ही मतदाताओं ने शुक्रवार को अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।

करीब 47 प्रतिशत मतदाता इस चुनाव में वोट देने के लिये घरों से नहीं निकले। मतदाताओं में इस उदासीनता की एक बड़ी वजह राज्यभर के कई मतदान केंद्रों पर मतदाताओं के चुनाव बहिष्कार करने को भी माना जा रहा है।

नैनीताल ऊधमसिंह नगर सीट पर सर्वाधिक मतदान

उत्तराखंड की पांच संसदीय सीटों में से नैनीताल ऊधमसिंह नगर पर शाम पांच बजे तक सर्वाधिक मतदान दर्ज किया गया। यहां 59.39 प्रतिशत मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया है। दूसरे नंबर पर हरिद्वार संसदीय सीट रही, जहां 59.12 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ है।

गढ़वाल संसदीय सीट पर 48.79 प्रतिशत मतदान हुआ, टिहरी में 51.28 प्रतिशत मतदान हुआ। सबसे कम 44.87 प्रतिशत मतदान अल्मोड़ा संसदीय सीट पर दर्ज किया गया है।

मतदाताओं की नाराजगी साफ नजर आयी

शाम पांच बजे तक के आंकड़ों से यह साफ नजर आ रहा है कि इस बार उत्तराखंड के मतदाताओं में नेताओं, राजनीतिक दलों के प्रति खासी नाराजगी रही है। 2019 के चुनाव के मुकाबले इस बार आठ प्रतिशत की गिरावट के पीछे यही नाराजगी बड़ी वजह रही। शुक्रवार को राज्य के कई मतदान केंद्र ऐसे रहे, जहां मतदाता वोट डालने पहुंचे ही नहीं।

टिहरी से लेकर देहरादून, नैनीताल से लेकर पिथौरागढ़, अल्मोड़ा से चमोली तक, कई मतदान केंद्रों पर मतदाताओं ने पहले ही चुनाव बहिष्कार का ऐलान किया हुआ था। हालांकि, प्रशासनिक अधिकारी लगातार ग्रामीणों से बातचीत करने और उन्हें मतदान के लिये मनाने में जुटे रहे, लेकिन बात नहीं बनी। कहीं सड़क तो कहीं अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी मांगें बरसों बाद भी पूरी नहीं होने के कारण मतदाताओं में यह नाराजगी थी।

मतदान प्रतिशत में त्रिपुरा ने मार ली बाजी

शुक्रवार को लोकसभा चुनाव 2024 के पहले चरण में 21 राज्यों की 102 संसदीय सीटों के लिये मतदान हुआ। शाम पांच बजे तक के मतदान प्रतिशत पर नजर डालें तो इन सभी राज्यों में मतदान प्रतिशत के लिहाज से त्रिपुरा अव्वल रहा।

त्रिपुरा में 80.06 प्रतिशत मतदान हुआ। वहीं, पश्चिम बंगाल में 77.57 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है। पुडुचेरी में 73.37 फीसदी, मेघालय में 71.52 प्रतिशत, असम में 71.43 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है।

इन राज्यों में 60 से 69 प्रतिशत तक मतदान हुआ

मध्य प्रदेश में 63.50 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मणिपुर में 68.64 फीसदी, सिक्किम में 68.06 प्रतिशत, तमिलनाडु में 62.23 प्रतिशत मतदान शुक्रवार शाम पांच बजे तक हुआ है।

अरूणाचल प्रदेश में 65.79 प्रतिशत वोटिंग हुयी। छत्तीसगढ़ मंे 63.41 प्रतिशत मतदाता नयी सरकार चुनने के लिये मतदान केंद्रों पर पहुंचे। वहीं, जम्मू-कश्मीर में 65.08 प्रतिशत मतदान हुआ।

बिहार सबसे पीछे, यूपी-राजस्थान भी पिछड़े

मतदान प्रतिशत के मामले में बिहार सबसे पीछे रहा है। यहां शाम पांच बजे तक महज 47.74 प्रतिशत ही मतदाता वोट देने के लिये निकले। राजस्थान में 51.25 प्रतिशत, जबकि उत्तर प्रदेश में 57.71 प्रतिशत ही मतदान दर्ज किया गया है।

मिजोरम में 54.22 प्रतिशत, नागालैंड में 56.77 प्रतिशत मतदान हुआ है। महाराष्ट्र में 55.35 प्रतिशत, लक्षद्वीप में 59.02 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। अंडमान-निकोबार में 56.87 प्रतिशत मतदान हुआ है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *